स्टेलनस स्टील का अंतरिक्ष, रक्षा, तेल व प्राकृतिक गैस में विशेष इस्तेमाल : प्रधान

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केंद्रीय प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को यहां कहा कि देश में इस्पात खपत में तेज वृद्धि होने जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में कुल उत्पादित क्रोमियम का 70 प्रतिशत हिस्सा स्टेनलेस स्टील के उत्पादन में इस्तेमाल होता है, और स्टेलनस स्टील का अंतरिक्ष, रक्षा और तेल तथा प्राकृतिक गैस सहित कई क्षेत्रों में विशेष इस्तेमाल होता है। इंटरनेशनल क्रोमियम डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा यहां आयोजित ‘क्रोमियम 2019’ सम्मेलन में प्रधान ने कहा, “देश में इस्पात खपत और आर्थिक विकास के बीच बेहतर सांमजस्य है। सरकार द्वारा भविष्य के लिए उन्नत बुनियादी संरचना, स्मार्ट शहरों के निर्माण और औद्योगिक गलियारे आदि जैसी चीजों पर ध्यान केन्द्रित करने से देश तीव्र विकास की ओर अग्रसर है, जिससे घरेलू स्तर पर इस्पात की खपत में तेज बढ़ोतरी होगी।”

प्रधान ने निवेशकों और उद्यमियों को देश के विकास में भागीदार बनने का न्योता देते हुए कहा कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता और अप्रत्यक्ष करों में किए गए ढांचागत सुधार और हाल में कापोर्रेट टैक्स में की गई कटौती इन सबका उद्देश्य निवेश और विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुशासन, मजबूत आधरभूत संरचना और नागरिकों के लिए सुगम जीवन वाले न्यू इंडिया का जो सपना देखा है उसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय इस्पात क्षेत्र सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न नीतिगत उपायों और उद्योग की उद्यमिता की भावना के कारण अधिक जीवंत, कुशल, पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017, लौह और इस्पात उत्पाद (डीएमआई और एसपी) नीति तथा इस्पात उत्पादों पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्डस (बीआईएस) का मानक चिन्ह इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई कुछ प्रमुख नीतिगत पहल हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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