स्टार्क को उम्मीद जिम में अतिरिक्त समय देने से चोटें रहेंगी दूर

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आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क को उम्मीद है कि उन्होंने जो समय जिम में बिताया है और कोविड-19 के कारण मिले ब्रेक के कारण उन्हें जो वक्त मिला है वो उनको भारत के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में लंबे स्पैल डालने में मदद करेगा। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच इस साल के आखिरी में चार मैचों की टेस्ट सीरीज होनी है।

इस बहुप्रतिक्षित चार मैचों की सीरीज के मैच गाबा, ऐडिलेड ओवल, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एसीसीजी) में खेले जाएंगे।

क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने स्टार्क के हवाले से लिखा, “गर्मियों के अंत में मेरा वजन 87 किलोग्राम था जो अभी तक का मेरा सबसे कम था। इस समय मेरा वजन 93 किलोग्राम है, जहां मैं रहना चाहता हूं। जहां मैं रहना चाहता हूं।”

मैंने गर्मियों की शुरुआत 90-91 किलोग्राम मार्क से की थी इसलिए मैं अच्छी स्थिति में हूं और मजबूत महसूस कर रहा हूं। मैंने जिम में अच्छा समय बिताया और अब मैं गेंदबाजी करने लगा हूं और दौड़ने लगा हूं। मैंने इसके लिए घर में बिताए समय का लुत्फ उठाया और दर्द से पार पाने में भी सफल रहा।

उन्होंने कहा, “यह अच्छा है लेकिन साथ ही दो बार मैं 160 किलोमीटर प्रतिघंट की रफ्तार के पास पहुंचा और मेरा पैर चटक गया। उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा। और जब सब कुछ अच्छा चल रहा होगा तो और मैं लय में होऊंगा, स्थिति अच्छी होगी तो मैं यह स्पीड हासिल कर सकता हूं। शायद जिम में बिताया गया अतिरिक्त समय से मैं ऐसा कर पाऊंगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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