मुंबई में वैलेंटाइन डे पर प्रेम कहानी का मंचन

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वैलेंटाइन डे पर मुंबई के दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए एक बेहद ही खूबसूरत प्रेम कहानी का मंचन किया जा रहा है।

साल 1992-93 के बीच हुए मुंबई दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक ‘जावेदा’ में ‘मोहब्बत’ और ‘मजहब’ के बीच टकराव का वर्णन एक बेहद ही बेहतरीन अंदाज में किया जाएगा। इसे जिस टीम द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा उसमें सभी 25 वर्ष से कम आयु के हैं।

आयोजकों ने कहा, “यह दो लोगों की कहानी है जिन्हें एक-दूसरे से प्यार हो जाता है, लेकिन जबरदस्ती उन्हें अलग कर दिया जाता है। एक किराएदार को अपनी मकान मालिक से प्यार हो जाता है, लेकिन उनके प्यार के बीच मजहब दीवार बनकर खड़ी हो जाती है। प्रतिकूल परिस्थितियों पर आधारित उनकी इस कहानी में कुछ ऐसे पल हैं जो एक ही पल में दिल को तोड़ व इसे शांत कर सकते हैं। उनकी इस प्रेम कहानी में कई उतार-चढ़ाव हैं। दंगे में एक-दूसरे से बिछड़ जाने के बावजूद ये दोबारा मिलते हैं, सिर्फ हमें यह याद दिलाने के लिए कि उनका प्यार हमेशा जिंदा रहेगा।”

इस नाटक में कल्पना और वास्तविकता को साथ लाया जा रहा है। निश्चित तौर पर यह एक यादगार अनुभव रहेगा। यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली चीज- प्यार के प्रति एक सम्मान है।

निर्माता नंदिता वी कोठारी ने कहा, “यह आपके दिलों में कई भाव पैदा करेंगे, आपको कुछ ऐसा महसूस होगा जिसे शायद आपने पहले कभी नहीं किया है। मैं लगभग दो दशकों से मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हुई हूं और इन बच्चों को एक ऐसे विषय पर अपनी प्रतिभा को दर्शाते हुए देखना गर्व महसूस कराने वाला एहसास है, जिसे आज के इस जमाने में दिखाए जाने की आवश्यकता है।”

‘जावेदा’ को नवदीप सिंह ने लिखा और निर्देशित किया है। इसका मंचन 14 फरवरी को एवव द हैबिटाट (थिएटर) में किया जाएगा। मार्च, अप्रैल और मई में इसके अन्य शोज का भी आयोजन किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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