श्रीनगर: विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए प्रतिबंध जारी, जानिए इसके बारे में !

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सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों और कश्मीर घाटी के कुछ इलाकों में प्रशासन ने अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया है। सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मुहम्मद यासीन मलिक की अगुवाई में अलगाववादी संगठन संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने शुक्रवार की नमाज के बाद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का आह्रान किया था।

गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक घर में नजरबंद हैं। वहीं, यासीन मलिक को श्रीनगर सेंट्रल जेल में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया, “श्रीनगर के पुराने शहरों में प्रतिबंध लगाए गए हैं जबकि अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा तैनाती की गई है।”

छात्रों द्वारा गुरुवार को व्यापक विरोध किए जाने के बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को घाटी के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया।

कश्मीर विश्वविद्यालय में आज के लिए निर्धारित परीक्षाएं स्थगित कर दी गई। घाटी के बारामूला शहर और जम्मू क्षेत्र के बनिहाल शहर के बीच ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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