देशभर में 925 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई

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पिछले हफ्ते देशभर में बारिश में कमी आई मगर खरीफ फसलों की बुवाई में प्रगति दर्ज की गई। पूरे देश में अब तक तकरीबन 925 लाख हेक्टेयर खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। यह रकबा पिछले साल की समान अवधि से अब भी करीब डेढ़ फीसदी कम है। हालांकि एक हफ्ता पहले खरीफ फसलों का रकबा करीब दो फीसदी पिछड़ा हुआ था। केंद्रीय कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी फसल वर्ष 2018-19 के खरीफ सीजन के बुवाई साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर में खरीफ फसलों का रकबा 924.76 लाख हेक्टेयर है जोकि पिछले साल की समान अवधि के रकबे 938.66 लाख हेक्टेयर से 1.48 फीसदी कम है।

खरीफ सीजन की सबसे प्रमुख फसल धान की बुवाई या रोपाई अब तक 307.78 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि में धान के रकबे 316.82 लाख हेक्टयर से 2.85 फीसदी कम है।

खरीफ सीजन की सभी दलहन फसलों का रकबा 124.15 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है जबकि पिछले साल 127.89 लाख हेक्टेयर था। दलहनों का रकबा पिछले साल के मुकाबले अब भी 2.92 फीसदी कम है।

मोटे अनाज की बुवाई का रकबा 160.16 लाख हेक्टेयर है और यह पिछले साल के 165.58 लाख हेक्टेयर से 3.27 फीसदी कम है।

तिलहन फसलों की बुवाई इस साल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा हुई है। खासतौर से सोयाबीन और तिल की खेती में किसानों ने काफी दिलचस्पी दिखाई है। सभी तिलहनों का रकबा पिछले साल के मुकाबले 5.27 फीसदी बढ़कर 162.47 लाख हेक्टेयर हो गया है।

सोयाबीन का रकबा पिछले साल से 9.02 फीसदी अधिक 110.72 लाख हेक्टेयर है। तिल का रकबा पिछले साल से 11.98 फीसदी बढ़कर 12.72 लाख हेक्टेयर हो गया है।

गóो का रकबा पिछले साल के 49.86 लाख हेक्टेयर से 1.48 फीसदी बढ़कर 50.60 लाख हेक्टेयर हो गया है।

जूट और मेस्ता का रकबा पिछले साल के मुकाबले 0.99 फीसदी घटकर 6.99 लाख हेक्टेयर रह गया है।

देश के प्रमुख कपास उत्पादक प्रदेशों में कपास का कुल रकबा 112.60 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में दर्ज रकबा 117.11लाख हेक्टेयर से 3.85 फीसदी कम है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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