केरल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून : आईएमडी

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दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंच गया है। यह ठीक उसी दिन पहुंचा है जिस दिन तटीय राज्य से इसके टकराने की भविष्यवाणी की गई थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को यह कहा। इस सप्ताह की शुरुआत में मौसम ब्यूरो ने कहा था कि मानसूनी बारिश 1 जून के आसपास भारत में होने की संभावना है। इससे पहले इसने 5 जून को पहुंचेन की बात कही थी, लेकिन बाद में बयान में बदलाव कर दिया। 2019 में, मानसून ने 8 जून को केरल में दस्तक दी थी।

आईएमडी ने कहा, “दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आज, 1 जून 2020 को केरल में पहुंच गया है।”

अरब सागर के ऊपर चक्रवात ‘निसर्ग’ के बनने से केरल में मॉनसून की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने 15 अप्रैल को अपने पूर्वानुमान में कहा था कि इस वर्ष मानसून की बारिश सामान्य रूप से लंबी अवधि के औसत के 100 प्रतिशत सामान्य होने की संभावना है। इसमें 5 प्रतिशत इधर-उधर हो सकता है।अईएमडी दोपहर बाद मानसून के संबंध में दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी करेगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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