सोनू सूद ने केरल से 177 उड़िया लड़कियों को निकालने में मदद की

0

देशभर में कई प्रवासी कामगारों को उनके गृहनगर भेजने के बाद अभिनेता सोनू सूद ने एक बार फिर दरियादिली दिखाते हुए लॉकडाउन के बीच केरल में फंसी ओडिशा की 177 लड़कियों को वहां से एयरलिफ्ट करवाया है। राज्यसभा सांसद अमर पटनायक ने शुक्रवार को सोनू द्वारा उड़िया लड़कियों को एयरलिफ्ट करने की पहल के बारे में ट्वीट किया।

पटनायक ने ट्वीट किया, “सोनू सूदजी, आपके द्वारा उड़िया लड़कियों को केरल से सुरक्षित वापस लौटने में मदद करना सराहनीय है। यह श्रेय आपके द्वारा किए गए प्रयासों को जाता है। यह देखना अविश्वसनीय है कि आप कैसे जरूरतमंदों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। आप और सक्षम बनें।”

बताया जा रहा है कि एर्नाकुलम में फंसी लड़कियों की मदद के लिए एक विशेष विमान की व्यवस्था की गई।

ओडिशा की रहने वाली ये लड़कियां वहां एक स्थानीय कपड़ा फैक्ट्री में सिलाई और कढ़ाई का काम करती थीं। विमान में10 प्रवासी मजदूर भी सवार हुए, जो एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम कर रहे थे।

अभिनेता के एक करीबी सूत्र ने आईएएनएस को वे तस्वीरें उपलब्ध कराईं, जिसमें कोच्चि हवाईअड्डे के बाहर खड़ी लड़कियों को देखा जा सकता है। भुवनेश्वर हवाईअड्डे पर उतरने के बाद लड़कियों ने खुशी-खुशी कैमरे के सामने पोज दिया। सोनू की तस्वीरें उनके हाथों में थीं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleटीटीएफआई की जून में खिलाड़ियों के लिए गैर अनिवार्य कैम्प की योजना
Next articleलॉकडाउन के समय में रिलेशनशिप को रखें मजबूत, आप इन खास बातों का रखें ध्यान
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here