‘बैड बॉय’ के साथ बॉलीवुड में डेब्यू करेंगे मिथुन के बेटे

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दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के दूसरे बेटे नमाशी, राजकुमार संतोषी की अगली फिल्म ‘बैड बॉय’ से बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं।

निर्माता साजिद कुरैशी की बेटी अमरीन कुरैशी भी इस फिल्म में अपने अभिनय का प्रदर्शन करेंगी।

कुरैशी ने एक बयान में कहा, “दोनों को फिल्म में लेने से पहले राजकुमार ने उनका कई दफा ऑडिशन लिया और दोनों को कई एक्टिंग वर्कशॉप में भी डाला।”

कुरैशी ने यह भी कहा कि नमाशी ने जब फिल्म को साइन किया था तब मिथुन अमेरिका में थे।

उन्होंने आगे यह भी कहा, “लेकिन वापस लौटने पर, वह हमसे मिले और स्क्रिप्ट को लेकर बात भी की। किसी भी पिता को यह जानकर खुशी होगी कि उनके बच्चे की लॉचिन्ग राजकुमार संतोषी कर रहे हैं यानि कि वह सुरक्षित हाथों में है।”

फिल्म की शूटिंग अगले 65 दिनों में बेंगलुरू और मुंबई में की जाएगी। निर्माताओं का ऐसा भी विचार है कि कुछ गानों की शूटिंग विदेश में करे। इस फिल्म के निर्माता कुरैशी की इनबॉक्स पिक्चर्स है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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