कभी सड़कों पर झाड़ू लगाती थी फिर ऐसे बदली किस्मत

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कहा जाता है कि किसमत का कोई पता नहीं है कब किस पर मेहरबान हो जाए, कुछ ऐसा ही इस लडकी के साथ भी हुआ । एक समय में ये लडकी सडको पर झाडू लगाने का काम करती थी मगर आज ये एक करोडपति हैं । आज हम आपको ब्राजील की रीटा माटोज नाम की लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं । बताया जा रहा है कि, रीटा माटोज की उम्र 25 साल है, और वह सड़को पर झाड़ू लगाने का काम करती थी ।

हर दिन की तरह वो सड़क पर झाड़ू लगा रही थी, तभी किसी ने उसकी फोटो क्लिक करके इंटरनेट पर अपलोड कर दी बस फिर क्या था, जिसके बाद यह तस्वीर इतनी वायरल हुई कि रीटा रातोरात स्टार बन गई । रीटा की यह फोटो शेयर होने के साथ ढेर सारे कमेंट भी आये जिसमे लिखा था कि इतनी सुंदर लड़की आखिर सड़कों पर झाड़ू कैसे लगा सकती है । इसके बारे में रीटा ने बताया कि पहले मुझे ऐसा लगा कि लोग मेरा मजाक उड़ा रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा जो कमेंट मिले उससे मुझे एक हौसला मिला ।

रीटा ने बताया कि एक फोटो की वजह से मैं रातोरात पुरे ब्राजील में मशहूर हो गयी। जिसके बाद उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलना शुरू हो गए और आज वो एक मशहूर मॉडल है ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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