कुछ इस तरह ऑफिस के माहौल को मजेदार बनाएं

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आपका ऑफिस आपका दूसरा घर होता है, इसलिए आप इसे मजेदार और जिंदादिल बनाने के लिए सही चीजों को करना सुनिश्चित करें। विशेषज्ञों ने ऑफिस के माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं। अवांता बिजनेस सेंटर के प्रबंध निदेशक नकुल माथुर और हंट ऑफिस के सहसंस्थापक और सलाहकार विनय सिंह ने कार्यस्थल पर ऊर्जावान रहने और तनाव से मुक्त जिंदगी बनाने के तरीके सुझाए हैं।

* अव्यवस्था को हटाना : अपने कार्यक्षेत्र को साफ करें, अपने दस्तावेजों को व्यवस्थित करें, जिससे आपको कार्य करने में अत्यधिक मदद मिलेगी। सबचीजें साफ और संगठित होने से आपको ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी। आपको अपने जीवन से अव्यवस्था पूरी तरह से हटानी होगी।

* छोटे-छोटे ब्रेक लें : थोड़े समय के लिए ध्यान केंद्रित कर काम करना एक स्मार्ट तरीका है। लंबे समय तक आंशिक रूप से ध्यान केंद्रित कर काम करने के बजाए बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें। मैराथन की बजाए दौड़ने पर विचार करें।

* फोन से दूरी बनाएं : आप अपने फोन पर कितने घंटे बिताते हैं? शायद आप खुद भी इसे स्वीकार करना नहीं चाहते हैं। जब हम अपने बारे में भयावह महसूस करते हैं, तो एक जवाब मिलता है, चलो बदलाव किया जाए और अपने पसंदीदा खेल खेलकर समय को बर्बाद करना बंद किया जाए।

* शांत रहिए और ताजा जड़ी-बूटियों का प्रयोग करें : आपने आम तौर पर देखा होगा कि आपके सहकर्मी वास्तव में लंच खाते हैं और उसे वहीं छोड़ देते हैं, जो कई दिनों तक डेस्क पर ही पड़ा रहता है। स्पष्ट है कि आपकी पहली प्रतिक्रिया एयर फ्रेशनर की पूरी बोतल उड़ेल देने की होती होगी। लेकिन क्या होगा यदि आप इसके बजाय प्राकृतिक मार्ग अपना लें। आप अपनी स्थानीय दुकान या सुपरमार्केट जाकर वहां से रोसमेरी, तुलसी, मिंट और लैवेंडर जैसी कुछ ताजा जड़ी बूटियों को ले लें और ऑफिस ले जाएं। इसे आप चाय में भी डाल सकते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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