भारत में महिला होना मुश्किल : सोहा अली खान

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अभिनेत्री सोहा अली खान ने तनुश्री दत्ता के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि भारत जैसे देश में महिला होना बहुत मुश्किल है। सोहा ने सावन के ‘नो फिल्टर नेहा सीजन 3’ के प्रेस सम्मेलन में मीडिया से बात करते हुए सोमवार को यह बात कही। उनके साथ नेहा धूपिया, सोफी चौधरी, अगंद बेदी और गौरव कपूर भी शामिल थे।

हैशटैगमीटू मूवमेंट पर प्रतिक्रिया जताते हुए सोहा ने कहा, “यह अच्छा है कि महिलाएं बोल रही हैं। कभी-कभी भारत जैसे देश में एक महिला होना बहुत कठिन होता है क्योंकि वे हर दिन बहुत कुछ सहती हैं।”

उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर खड़े होने और यह कहने के लिए बहुत साहस चाहिए। मुझे लगता है कि महिलाओं को ऐसा करने के लिए समर्थन और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। मैं हर उस महिला के साथ खड़ी हूं जो अपनी कहानी साझा करना चाहती है।”

नेहा ने भी कहा, “एक अभिनेता के रूप में नहीं बल्कि एक महिला के रूप में जब मैंने ऐसी चीजें पढ़ना और सुनना शुरू की तो मैं गुस्से से भर गई।”

नेहा ने कहा, “कभी-कभी, मैंने देखा है कि कुछ लोग इस पर सवाल उठाते हैं लेकिन यहां सवाल उठाने की जरूरत नहीं है। हमें उन पर भरोसा करना होगा।”

वहीं, सोफी चौधरी ने भी इस बात करते हुए कहा, “सबसे बुरी बात यह है कि लोग सवाल कर रहे हैं कि तनुश्री ने इस मुद्दे पर बात करने के लिए 10 साल क्यों लगाए। मुझे नहीं लगता कि वह प्रचार हासिल करने के लिए ऐसा कर रही हैं। तनुश्री को थोड़ा सा जानें। मुझे लगता है कि वह टॉक शो पर थी और वहां उनसे पूछा गया कि उन्होंने फिल्मों में अभिनय क्यों छोड़ दिया तब उन्होंने उस सवाल का स्पष्ट जवाब दिया।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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