तो क्या है ब्रह्मांडीय जलप्रपात का रहस्य

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जयपुर। ब्रह्मांड में कई चीज़ों का निर्माण है जो कि सबके समान एक रहस्य रूप में होते है। वैज्ञानिक इनकी बारे में जानने कि कोशिश करते रहते है। इसी तरह वैज्ञानिक ब्रह्मांड में ब्रह्माण्डीय जलप्रपात निहारिका का निर्माण कैसे हुआ इसके बारे में  पता लगाने की कोशश कर रहे है। क्योंकी इसके बारे में कोई नही जानता है। वैज्ञानिक बताते है कि NGC 1999 का एक भाग है जो कि बृहद ओरीयान आण्विक बादल संरचना का एक भाग है।

आपको बता दे कि यह ब्रह्माण्ड की सबसे रहस्यमयी संरचनाओं मे से एक है। जानकारी के लिए बता दे की इस क्षेत्र को HH-22 के नाम से भी जाना जाता है। इसमें गैस की धारा लगभग 10 प्रकाशवर्ष लंबाई मे है, और यह धारा अनेको रंगो को प्रदर्शित करती है। यह गैस की धारा पास के आण्विक बादल से एक नये तारे से प्रवाहित सौर वायु के टकराव के फलस्वरूप बनती है। इस जलप्रपात की धारा और अन्य धूंधली धारायें मुड़कर एक चमकीले बिंदू पर मिल जाती है जो कि एक रेडियो तरंगो का अतापी श्रोत है।

जानकारी दे दे की यह रेडियो श्रोत इस मुड़ी हुयी धारा के उपर बायें स्थित है। इसमे एक तारा  श्वेत वामन, न्युट्रान तारा या श्याम विवर है और बता दे कि यह जलप्रपात इस तीव्र ऊर्जावान प्रणाली से उत्सर्जित गैसीय जेट धारा है। लेकिन इस तरह की प्रणाली मे एक्स रे का भी उत्सर्जन होता है लेकिन किसी एक्स रे श्रोत का पता नही चला है। वर्तमान मे इसका रहस्य बरकरार है और इसके बारे में कई शोध भी किये जा रहे हैं।

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