…तो इसलिए मोटी औरतें शारीरिक संबंध बनाने से कतराती हैं

0
82

अकसर हम देखते हैं कि मोटी औरतों में शारीरिक संबंध बनाने की रूची कम दिखाई देती हैं मगर ऐसा क्यों होता हैं इसके लिए हाल ही में एक सर्वे हुआ है जिसमें इस बात के बारे में खुलासा हुआ है कि आखिर वो ऐसा क्यों करती हैं । इस सर्वे में बताया गया है कि अधिकतर मोटी औरतें अपने बेडोल शरीर के कारण सेक्स से डरती हैं क्योंकि उनको शरीर के कारण काफी सारी परेशानी उठानी पड़ सकती हैं ।

इस सर्वें के अनुसार बताया जा रहा है कि, करीब 50 प्रतिशत महिलाओं ने बताया है कि अधिक मोटापे की वजह से उनकी फिगर खराब हो जाता है जिससे अंतरंग पलों में उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता है।जिससे बचने के लिए वो शारीरिक संबंध नहीं बना पाती हैं । बता दें कि अब यह मोटी औरतों की मानसिकता बन गई है।

 


SHARE
Previous articleमहिलाओं के फेवरिट लिपस्टिक कलर से जानिए उनकी सेक्स इच्छा के बारे में !
Next articleबड़ा धमाका… ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ के पार पहुंची अक्की और थलाइवा की फिल्म 2.0
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here