तो इसलिए पति-पत्नी को चिपककर नहीं सोना चाहिए कभी, वरना जीवन भर…

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दोस्तों, अकसर हम देखते हैं कि कई व्यक्तियों को अपने पार्टनर के साथ में चिपक कर सोने की आदत होती है । मगर शायद वह इस बात को नहीं जानते हैं कि उनको इसका फायदा नहीं बल्कि नुकसान मिलने वाला है।

आपको बता दें कि, पार्टनर के साथ चिपक कर सोने से कई तरह के फायदे होते है, यहा तक की कई व्यक्ति सिर्फ अपने पार्टनर को प्यार जताने के लिए ही चिपक कर सोते हैं । आपको बता दें कि, पार्टनर के साथ चिपक कर सोने से व्यक्ति की याद्दाश्त बडती हैं । इस बात का खुलासा एक रिसर्च में भी हो चुहा है कि यदि पति-पत्नी चिपक कर सोते है, तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है ।

यदि पति-पत्नी एक दूसरे चिपक कर सोते हैं, तो वह एक अच्छी नींद का अनुभव कर सकते हैं । जो व्यक्ति रात में चिपक कर सोते हैं, उनकी सोचने समझने की क्षमता अच्छी होती है । इस प्रकार सोने से इंसान हर चिंता से मुक्त हो जाता है । इसके साथ ही आपको बता दे कि, जब दो व्यक्ति रात में चिपक कर सोते हैं, तो उठने पर कभी सरदर्द नहीं होता. यदि पति अपनी पत्नी के साथ में चिपक कर सोता है तो उसके चिडचिेडेपन की आदत छुट जाती हैं ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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