तो इस खतरनाक तरीके से होता है होमोसेक्सुअल महिलाओं का इलाज

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जयपुर। क्अया आप जानते हैं कि होमोसेक्शुअल महिलाओं का इलाज किस तरह किया जाता है। आज हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं कि किस तरह होमोसेक्शुअल महिलाओं का इलाज किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि अभी हाल ही में एक फेमस फोटोग्राफर पाओला परेड्स इक्वाडोर के कुछ ऐसे थैरेपी सेंटर्स का पता लगाया है जहां होमोसेक्शुअल महिलाओं का दर्दनाक तरीके से इलाज होता है। इक्वाडोर की ‘हैक’ मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में पाओला ने बताया कि यहां ऐसे एक नहीं, बल्कि दजनों सेंटर्स हैं। उन्होंने यहां की फोटोज खींचने की कई बार कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सकीं, क्योंकि यहां कैमरे लाने की परमिशन नहीं थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फोटोग्राफर ने इस बात का पता लगा लिया कि यहां किन-किन तरीकों से महिलाओं को टॉर्चर किया जाता है। इसके चलते पाओला ने खुद एक्टिंग कर फोटोज सीरीज तैयार की और इसके जरिए महिलाओं का हाल बताया। पाओला की यह फोटो सीरीज इस समय इक्वाडोर में काफी चर्चा में है। एक लीडिंग वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार पाओला ने एक मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में बताया कि इन थैरेपी सेंटर्स के बारे में उन्हें उनके एक फ्रेंड ने बताया था।

बता दें कि इसके बाद पाओला ने बताया कि यहां होमोसेक्शुअल महिलाओं का ही नहीं, बल्कि ड्रग्स और शराब के आदी लोगों का भी इलाज होता है। इसके लिए परिवार के लोग ही अपनी लड़कियों-महिलाओं को जबर्दस्ती यहां लाते हैं और इसके बदले में अच्छी खासी रकम भी देते हैं। हालांकि, फीस का कोई तय पैमाना नहीं है। फैमिली ही इन्हें यहां छोड़कर जाती है, इसके चलते महिलाएं अपना मुंह नहीं खोलतीं। यहां महिलाओं को करीब एक साल तक कैद रखा जाता है और उन्हें पीटा भी जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बात दें कि अक्सर महिलाओं के साथ ‘करेक्टिव रेप’ भी होता है। रेप के पीछे यह तर्क दिया जाता है कि इससे महिलाओं का होमोसेक्शुअलिटी से दिमाग हट जाता है। महिलाओं को कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता, अधिकतर समय उनके साथ पुरुष ही रहते हैं। उन्हें सिर्फ नहाने के लिए अकेला छोड़ा जाता है।

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