स्मृति ईरानी ने कोविड-19 सपोर्ट फंड के लिए एफडीसीआई की सराहना की

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कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने भारतीय फैशन बिरादरी के सभी फैशन डिजाइनरों, हितधारकों और समर्थकों को एक वीडियो संदेश भेजा है। वीडियो में, मंत्री ने फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया की पहल की सराहना की है जिसे कोविड-19 सपोर्ट फंड (सीएससएफ बाय एफडीसीआई) कहा गया है।

वीडियो में ईरानी को कह रही हैं, “भारतीय फैशन बिरादरी भारतीय कपड़ा उद्योग का गौरव है। आज जो लोग सपने बुनते हैं आज वे एक साथ समर्थन के लिए बुनाई कर रहे हैं। फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया को मेरा आभार, जो कि सुनील सेठी के नेतृत्व में कोविड -19 फंड के साथ मदद के लिए आगे आया। मुझे उम्मीद है कि यह फंड, जो डिजाइनरों, डिजाइन हाउसों और इनसे संबद्ध अन्य संगठनों की सहायता से आएगा, इस चुनौतीपूर्ण समय में मददगार साबित होगा।”

उन्होंने कहा, “मेरा विश्वास है कि हम एक साथ मिलकर इन सभी चुनौतियों का सामना करेंगे। कपड़ा मंत्री के रूप में, मैं केवल यह कह सकती हूं कि आप हमें अपनी चुनौतियों के समय में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े पाएंगे। धन्यवाद।”

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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