स्मिथ बीपीएल से बाहर, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने में हो सकती देरी

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बॉल टेम्परिंग मामले में एक साल का प्रतिबंध झेल रहे आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ कोहनी के चोट के चलते बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) से बाहर हो गए हैं। क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, स्मिथ रविवार को सिडनी लौट चुके हैं जहां क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) की मेडिकल स्टाफ टीम ने उनके चोट का स्कैन किया है। स्कैन से पता चला है कि उन्हें अपने कोहनी की सर्जरी करवानी पड़ेगी, जिसके चलते मार्च 2019 में होने वाली उनकी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी में देरी हो सकती है।

सीए के प्रवक्ता के अनुसार, स्मिथ मंगलवार को अपनी दाईं कोहनी की सर्जरी कराएंगे जिसके बाद छह हफ्ते तक उन्हें ब्रेस पहनना होगा। इसके बाद वह रिहिबेलिटेशन की प्रक्रिया से गुजरेंगे। जिस समय वह रिहिबेलिटेशन की प्रक्रिया से गुजरेंगे उस समय मार्च में भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी शुरू हो जाएगी और स्मिथ का इसमें भी खेलना तय नहीं माना जा रहा है। स्मिथ के विश्व कप और एशेज सीरीज तक फिट होने की उम्मीद है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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