‘स्मार्टेस्ट सिटीज ऑफ द फ्यूचर’ रिपोर्ट लॉन्च

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आईडीसी, फिक्की और सिस्को की ‘स्मार्टेस्ट सिटीज ऑफ द फ्यूचर’ रिपोर्ट में स्मार्ट शहरों की निगरानी के लिए रूपरेखा प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही स्थायी जीवन के लिए स्मार्ट सिटी स्कोरकार्ड का अनावरण किया गया। द इंटरनेशनल डाटा कॉपोर्रेशन (आईडीसी) ने सिस्को और द फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के साथ मिलकर गुरुवार को ‘स्मार्टेस्ट सिटीज ऑफ द फ्यूचर’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट लॉन्च की है। इस रिपोर्ट की रूपरेखा स्थायी और समावेशी (सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल) विकास पर केन्द्रित है, जिसमें बौद्धिक समाधानों के प्रभाव को मापने के लिए एक स्मार्ट सिटी स्कोरकार्ड है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थायी शहरीकरण के लिए शहरों को ऐसी रूपरेखा अपनानी होगी, जो सामाजिक रूप से समानता वाली, आर्थिक रूप से वहन करने योग्य और पर्यावरण के लिए स्थायी हो। इस रिपोर्ट में शहरीकरण की चुनौतियों पर जोर दिया गया है।

फिक्की कर्नाटक स्टेट काउंसिल के चेयरमैन शेखर विश्वनाथन ने कहा, “अधोसंरचना आर्थिक वृद्धि और समाज की बेहतरी का आधार है और हम अधोसंरचना विकास को शीर्ष प्राथमिकता देते हैं। रणनीतिक सार्वजनिक-निजी भागीदारियों और प्रौद्योगिकी के साथ सही निवेश करने से हमारे शहरों का सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुनिश्चित होगा।”

रिपोर्ट में कहा गया कि केवल अधोसंरचना के विस्तार में निवेश करना काफी नहीं है। शहरीकरण से आर्थिक वृद्धि हुई है, लेकिन इससे सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियां भी उत्पन्न हुई हैं। शहरों को अधिक प्रतिस्पद्र्धी बनाने के लिए उन्हें अधिक स्मार्ट और क्षमतावान बनाना होगा और प्रौद्योगिकी से यह लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। रिपोर्ट कहती है कि प्रौद्योगिकी समन्वय, वैल्यू कैप्चर फंडिंग और रणनीतिक सार्वजनिक-निजी भागीदारियों में निवेश से शहरों की स्थायी वृद्धि होगी।

आईडीसी ने यह भी पाया कि शहर व्यापी स्मार्ट पहल, जैसे स्मार्ट लाइटिंग से विजयवाड़ा म्युनिसिपल कॉपोर्रेशन को प्रतिवर्ष 35 करोड़ रुपये की बचत हुई।

सिस्को इंडिया के प्रसिडेंट समीर गर्डे ने कहा, “भारत का तेजी से शहरीकरण हो रहा है और लोगों के बेहतर जीवन, नवोन्मेषी सृजन और आर्थिक वृद्धि के लिर हमारे शहरों का अधिक स्मार्ट होना महत्वपूर्ण है। इस रिपोर्ट के परिणाम डिजिटल समावेश, नागरिक सुलभता और संलग्नता, सार्वजनिक सुरक्षा पर प्रभाव, राजस्व और पर्यावरण पर केन्द्रित हैं, जो शहरों को प्रतिस्पद्र्धी और स्थायी बनाने के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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