चिन्मयानंद मामले में एसआईटी ने पीड़िता को गिरफ्तार किया

0

विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को रंगदारी मांगने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा कानून की छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी लेकिन एसआईटी ने अदालत के फैसले का इंतजार नहीं किया, क्योंकि कुछ फोन कॉल्स से पता चला कि पीड़िता फरार होने की योजना बना रही थी।

छात्रा को यहां उसके घर से गिरफ्तार किया गया और कोतवाली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। फिर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया और बाद में उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

इससे पहले पीड़ित छात्रा को मंगलवार को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के बाद एसआईटी ने उसे रिहा कर दिया।

छात्रा और तीन अन्य लड़कों को, जिन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था, ने कथित तौर पर चिन्मयानंद को फोन कर उनसे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और ऐसा न करने पर उनके अंतरंग वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी थी। चिन्मयानंद ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleसोशल मीडिया पर अमिताभ को बधाई देने वालों का लगा तांता, दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होंगे अभिनेता
Next articleबैडमिंटन : चोट के कारण कोरिया ओपन से बाहर प्रणीत
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here