गायिका शर्ली सेटिया ने अपना पहला पंजाबी गीत रिलीज किया

0
468

बताया गया है कि गायिका शर्ली सेटिया ने गुरुवार को ‘कोई वी नहीं’ शीर्षक वाला अपना पहला पंजाबी गीत रिलीज किया है। उन्होंने पंजाबी गायक गुरनजर चढ्ढा के साथ रोमांटिक सिंलग के लिए काम किया है जो स्पीड रिकॉर्डस और टाइम्स म्यूजिक लेबल के तहत रिलीज किया गया।

रजत नागपाल द्वारा लिखित ‘कोई वी नहीं’ गीत में एक लड़का, लड़की को अपने सच्चे प्यार का विश्वास दिलाने की कोशिश करता है। बॉलीवुड फिल्म ‘ए जेंटलमैन’ के ‘डिस्को डिस्को’ गीत में अपनी आवाज दे चुकीं शर्ली ने कहा, “कोई वी नहीं मेरा पहला पंजाबी गीत है। मैंने इस गीत का काफी आनंद लिया।”

वहीं, गुरनजर ने कहा, “यह एक सुंदर पंजाबी रोमांटिक गीत है, और मुझे पूरा यकीन है कि इस गीत के साथ हर कोई पुरानी यादों में खो जाएगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleIPL 2018 : सीजन 11 के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के पूरे मैचों का टाइम टेबल ऐसा है
Next articleफिक्सिंग में घिरा 2011 वर्ल्डकप जीतने वाली टीम इंडिया का एक सदस्य
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here