जन उपभोग और निवेश में वृद्धि दे रही economy के तेजी से उबरने के संकेत

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कोविड महामारी के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से उबरने की राह पर अग्रसर है। जन-उपभोग और निवेश में वृद्धि इस बात के स्पष्ट संकेत दे रही है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की इकोस्कोप की रिपोर्ट के अनुसार, देश की कुल खपत (व्यक्तिगत और सरकार) में जनवरी 2021 में 4 प्रतिशत, दिसंबर 2020 में 4.4 प्रतिशत और जनवरी, 2020 में 3.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

जहां तक निवेश की बात है तो इस मोर्चे पर जनवरी, 2021 में 4.7 प्रतिशत की गति से तेजी देखी गई। अच्छी बात यह है कि मई के बाद से निवेश सकारात्मक रहा है।

वित्तवर्ष 21 की अंतिम तिमाही के पहले महीने में निवेश और खपत के संकुचन में मंदी से आने वाले सकारात्मक संकेतों से पता चलता है कि इस तिमाही के दौरान जीडीपी वृद्धि में तेजी आ सकती है।

लगातार दो तिमाहियों की गिरावट के बाद, वास्तविक जीडीपी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सकारात्मक क्षेत्र में आ गई है, जिसमें 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

इकोस्कोप रिपोर्ट ने जनवरी के आंकड़ों में अन्य सकारात्मकता की ओर इशारा किया है।

जनवरी, 2021 में तेजी से विकास इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि सेवा क्षेत्र और कृषि गतिविधियों में उच्च वृद्धि हुई। दूसरी ओर, महीने के दौरान औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि मध्यम रही।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा, सेवा क्षेत्र में राजकोषीय खर्चो में वृद्धि हुई है, निर्माण गतिविधि में गिरावट और विनिर्माण क्षेत्र में धीमी वृद्धि के कारण जनवरी, 2021 में औद्योगिक विकास में कमी आई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती संकेतकों के अनुसार, फरवरी 2021 में भी विकास की गति जारी रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी-मार्च, 2021 में बड़े सब्सिडी बिल भुगतान के कारण, वास्तविक जीडीपी कम हो सकता है।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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