Sidhu ने किया किसानों का समर्थन, प्रदर्शन में होंगे शामिल

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कृषि बिलों को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार करते हुए, पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को कहा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र अमृतसर (पूर्व) में इस बाबत हो रहे प्रदर्शनों में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के बिल का जवाब देने का कानूनी समाधान इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना है।

सिद्धू ने यह घोषणा ऐसा समय की है, जब पार्टी ने अपने सांसद/विधायकों को सदन द्वारा पारित कृषि बिल के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए कहा है।

सिद्धू ने मीडिया से कहा, “किसान पंजाब की आत्मा है और आत्मा पर हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “बिल किसानों और मजदूरों की कीमत पर बड़ें पूंजीपतियों के फायदे में होगा और यह भारत के संघीय ढांचे को बुरी तरह से प्रभावित करेगा।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “बिल 28,000 आढ़तियों और पंजाब में 4-5 लाख मंडी में काम करने वाले लोगों की आजीविका को छीन लेगा, जिनके पास 1850 बिक्री केंद्र हैं।”

न्यजू स्त्रोत आइएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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