शुकतीर्थ का काशी, अयोध्या की तरह विकास होगा : सीएम योगी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां रविवार को कहा कि शुकतीर्थ का काशी, अयोध्या और मथुरा की तरह विकास किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ तीर्थनगरी शुकतीर्थ में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शुकतीर्थ मंदिर के दर्शन किए और शुकतीर्थ में आधुनिक भागवत कथा भवन के मंडल का लोकार्पण किया। योगी ने पर्यटन विभाग की 20 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करते हुए कहा कि जिस तरह काशी, अयोध्या और मथुरा का विकास हो रहा है, उसी तर्ज पर शुकतीर्थ का भी विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के शिलान्यास के बाद ट्रस्ट के लोगों को संबोधित कहा कि भारत ने अपनी अस्मिता अब तक साधु-संतों के कारण बचाई रखी है। उन्होंने अपने संबोधन में भागवत महापुराण का उल्लेख भी किया। योगी ने कहा कि पूरब से पश्चिम तक लोक कल्याण के काम हो रहे हैं। मुजफ्फरनगर का इतिहास बहुत पुराना है और भागवत भूमि से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि यहां साधनों के अभाव के बावजूद श्रद्धालुओं का तांता लगता था। शुकदेव तीर्थ 5000 साल पुराना आस्था का केंद्र है। सरकार के साथ आमजन के सहयोग की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा कुंभ की तर्ज पर संपन्न कराई जाएगी और शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से कांवड़िये यात्रा निकालेंगे।

योगी ने कहा, “विकास के वे आयाम, जिन्हें हम समयबद्ध तरीके से पूरा कर पाएं, उसे हम आगे बढ़ा रहे हैं। मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बगैर वहां विकास करना हमारा लक्ष्य है।”

मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण का जिक्र करते हुए कहा, “हमने गौ सुरक्षा के लिए निर्देश दिए हैं।” योगी ने कहा कि आम जनता कांवड़ियों का अतिथि की तरह स्वागत करें। उन्होंने किसानों की समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन भी दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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