Shri janki stuti path: आज करें श्री जानकी स्तुति का पाठ, खुशहाल जीवन का मिलेगा आशीर्वाद

0

आज यानी 6 मार्च दिन शनिवार को जानकी जयंती का व्रत पूजन किया जा रहा हैं जानकी जयंती को देवी सीता के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता हैं पौराणिक कथाओं के मुताबिक यह दिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तो मनाया जाता हैं इस त्योहार की मान्यता अधिक होती हैं इसे शुभ पर्वों में से एक माना जाता हैं इस दिन भक्त देवी मां सीता की प्रा​र्थना करते हैं माना जाता है कि वे माता सीता से सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं इस दिन व्रत पूजन करने से विवाहित जीवन में आने वाली सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

जानकी जयंती को सीता अष्टमी और सीता जयंती के नाम से भी जाना जाता हैं मान्यता है कि इस दिन पूजा व व्रत करने से जातक के जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं यह भी कहा जाता है कि जो भक्त जानकी जयंती की पूजा करते हैं वे सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते है अगर इस दिन व्रत किया जाए तो जातक को खुशहाल जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं। माता सीता की पूजा करते समय भक्त को उनकी स्तुति का पाठ जरूर करना चाहिए। तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं माता सीता की स्तुति पाठ, तो आइए जानते हैं।

जानिए श्री जानकी स्तुति पाठ

जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम्।

जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम्।।1।।

दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानाभिष्टदायिनीम्।

विदेहराजतनयां राघवानन्दकारिणीम्।।2।।

भूमेर्दुहितरं विद्यां नमामि प्रकृतिं शिवाम्।

पौलस्त्यैश्वर्यसंहत्रीं भक्ताभीष्टां सरस्वतीम्।।3।।

पतिव्रताधुरीणां त्वां नमामि जनकात्मजाम्।

अनुग्रहपरामृद्धिमनघां हरिवल्लभाम्।।4।।

आत्मविद्यां त्रयीरूपामुमारूपां नमाम्यहम्।

प्रसादाभिमुखीं लक्ष्मीं क्षीराब्धितनयां शुभाम्।।5।।

नमामि चन्द्रभगिनीं सीतां सर्वाङ्गसुन्दरीम्।

नमामि धर्मनिलयां करुणां वेदमातरम्।।6।।

पद्मालयां पद्महस्तां विष्णुवक्ष:स्थलालयाम्।

नमामि चन्द्रनिलयां सीतां चन्द्रनिभाननाम्।।7।।

आह्लादरूपिणीं सिद्धिं शिवां शिवकरीं सतीम्।

नमामि विश्वजननीं रामचन्द्रेष्टवल्लभाम्।

सीतां सर्वानवद्याङ्गीं भजामि सततं हृदा।।8।।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here