शिवराज इतने झूठे कि झूठ भी शर्मा जाए : Kamal Nath

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसा है और कहा है कि मुख्यमंत्री चौहान इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शर्मा जाए। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मंदसौर के सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के शामगढ़ और इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के पाल काकरिया में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित सभाओं के दौरान कहा कि, “शिवराज सिंह चौहान अभी भी झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं, रोज झूठ बोल रहे हैं, इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी इनसे शर्मा जाता है। आज मुझे उद्योगपति बता रहे हैं और कह रहे हैं कि कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के लिए आज तक कुछ नहीं किया, इससे बड़ा झूठ कुछ नहीं हो सकता। जब मैं केंद्र में सड़क परिवहन मंत्री था, तब शिवराज सिंह चौहान खुद मेरे पास कई बार प्रदेश के लिये पैसा लेने आये, मुझे कई बार धन्यवाद दिया था कि मैंने सबसे ज्यादा पैसा मध्यप्रदेश ेके राजमार्गों, सड़कों व विकास के लिए दिया। शहरी विकास मंत्री के रूप में भी मैंने सबसे ज्यादा पैसा मध्यप्रदेश को दिया, यह सब तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, इसे झुठलाया नहीं जा सकता है, पता नहीं चौहान आज चुनावों को देखते हुए क्यों झूठ बोल रहे हैं?”

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्यमंत्री चौहान से सवाल किया कि, “आप कब तक झूठ परोसते रहेंगे, आप तो बस यह बता दीजिए कि 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो कितना पैसा मध्यप्रदेश में सड़कों के लिए, राजमार्गों के लिए, शहरी विकास के लिए आया और जब मैं केंद्र में मंत्री था तब कितना पैसा प्रदेश में आया, इसका अंतर कर यह खुलासा जनता के सामने कर दीजिए ,जनता खुद वास्तविकता देख लेगी।”

मुख्यमंत्री और भाजपा पर हमला करते हुए कमल नाथ ने कहा कि, “शिवराज 15 वर्ष का हिसाब देने को तैयार नहीं है, सात माह का हिसाब देने को तैयार नहीं हैं, मैं तो उन्हें कई बार चुनौती दे चुका हूं कि आ जाइये मंच पर जनता के समक्ष आमने-सामने, आप आपना हिसाब रखिए, मैं मेरा 15 माह के कार्यकाल का हिसाब रखूंगा। जनता हिसाब देखकर खुद फैसला करेगी। बीते सात माह में प्रदेश में सिर्फ सौदेबाजी की राजनीति हुई, जनता का नुकसान किया, सरकार बताये कितने युवाओं को रोजगार दिया, कितने किसानों को आपने मुआवजा दिया, प्रदेश में कितना निवेश आया ?”

केंद्र सरकार के तीन किसान कानूनों का राज्य सरकार द्वारा समर्थन किए जाने पर कमल नाथ ने कहा, “आप तीन किसान विरोधी काले कानून ले आए हैं, मंडियों का निजीकरण करने जा रहे हैं, किसान को बर्बाद करने जा रहे हैं, समर्थन मूल्य को खत्म करने जा रहे हैं। राज्य में कांग्रेस की सरकार आने पर इन काले कानूनों को मध्यप्रदेश में लागू नहीं करेंगे और एमएसपी से कम खरीदी को अपराध माना जाएगा।”

विधानसभा के उप-चुनाव पर कमल नाथ ने कहा, “चुनाव तो प्रजातंत्र का उत्सव होते हैं लेकिन यह तो सौदेबाजी का उत्सव है। भाजपा ने मध्य प्रदेश की राजनीति को देशभर में कलंकित किया। देशभर में 60 के करीब उप चुनाव हो रहे हैं, जिसमें से मध्य प्रदेश के 28 में से 25 उपचुनाव किसी के निधन के कारण नहीं हो रहे हैं बल्कि सौदेबाजी के कारण हो रहे हैं।”

न्यूज स्त्रोत आइएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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