कुंड़ली विश्लेषण: शिवराज के लिए अग्निपरीक्षा, मध्य प्रदेश में बिगड़ सकता हैं भाजपा का खेल

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जयपुर।  विधान सभा की तारीख की घोषणा होने के बाद जहां नेताओं का काम बढ गया है वहीं नेताओं के दिल की धड़कन भी थमने लगी है। ये स्थिति तब तक रहेगी जब तक चुनाव परिणाम नहीं आ जाता। आज चुनाव ज्योतिष में हम मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान की कुंड़ली का विश्लेषण कर रहें है। कुड़ली के अनुसार शायद अब शिवराज सिंह चौहान के वनवास का समय आ गया है। इनके ग्रह इन दिनों इन के पक्ष में नहीं बन रहे है। इनकी कुंड़ली में जिस लग्न ने इनको से गांव से निकलकर देश भर में लोकप्रिय बनाया अब उसी लग्न के कारण इनको सत्ता से वनवास मिल सकता है। ये अपने करीबी लोगो के षडयंत्र का शिकार होंगे।

ज़्योतिषियों के अनुसार कर्क लग्न राज़योग देने वाला लग्न है। इसका मुख्य कारण कर्क राशि है जो की कालपुरुष की कुंड़ली में चतुर्थ स्थान मे आती है। कुंड़ली में चतुर्थ स्थान समाज, पद, सत्ता सुख को देता है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज़ सिंह चौहान का जन्म कर्क लग्न तथा मकर राशि मे हुआ। इनका लग्न स्वामी चंद्रमा जो कुंड़ली में सप्तम भाव मे होने से राज़योग का निर्माण करता है। ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि जलीय राशि होती है इसके साथ ही मकर राशि राज्य की राशि है। जिसके कारण इनकी राशि में राज़योग के योग बनें। इनकी कुंड़ली में पराक्रम भाव मे राहु तथा छठे स्थान मे शनि होने से इनको पराक्रमी बनाता है। गुरु ग्रह इनकी राशि में वृश्चिक राशि मे पंचम भाव मे स्थित है। पंचम भाव का स्वामी मंगल होता है जो लाभ को देखता है।

इस समय शिवराजसिंह की कुंड़ली में शनि मे बुध की अंतरदशा चल रही है इसके साथ ही शनि बुध दोनो इनकी कुंड़ली में जिस स्थान पर हैं वहा से इनके लिए कष्टकारी है। जिसके कारण इनको सत्ता से वनवास मिल सकाता है।

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