सवर्ण समाज को खुश करने के लिए शिवराज चौहान ने कही ये बड़ी बात

0
104

जयपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को घोषणा की कि वह निर्देश जारी करेंगे कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम का दुरुपयोग नहीं किया जाए, और जांच के बिना इस अधिनियम के तहत किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।

यह संसद में पारित संशोधन के विपरीत है, बिना जांच के अधिनियम के तहत गिरफ्तारी की इजाजत देता है।

शिव राज सिंह ने ट्वीट कर कहा की “एमपी में नहीं होगा SC-ST ऐक्ट का दुरुपयोग, बिना जाँच के नहीं होगी गिरफ़्तारी।” उन्होंने आगे लिखा की “मध्यप्रदेश में हमारी बनाई हुई हर एक योजना सब के लिए हैं। किसी भी योजना में जात-पात के नाम पर कहीं भी कोई भेदभाव नहीं किया जाता। पूरा भारत जानता है कि जातिवादी राजनीति कुछ गिनी-चुनी परिवारवादी पार्टियों की ही देन है।”

यह अधिनियम के खिलाफ राज्य में ऊपरी और पिछड़े जाति समुदायों के विरोधों का पालन करता है। कुछ ऊपरी जाति समूहों ने 6 सितंबर को इस अधिनियम के खिलाफ राष्ट्रव्यापी शटडाउन की मांग की थी, जिसने उचित समर्थन हासिल किया था। गुरुवार को, कुछ ऊपरी जाति समूहों ने सत्तारूढ़ दल और विपक्षी कांग्रेस कार्यालय में काले झंडे दिखाए और जोरदार ढंग से मंत्री रामपाल सिंह के घर में प्रवेश करने का प्रयास किया था।

आपको बता दे की पिछले कुछ समय से सवर्ण समाज बीजेपी से इस एससी एसटी एक्ट के चलते नाराज चल रहा है, और इसी साल के अंत में चुनाव में होने और प्रदेश में सबसे अधिक सवर्ण लोग है, जो हमेशा से बीजेपी का वोटर रहा है और वो अभी बीजेपी से नाराज से जिसके चलते प्रदेश सरकार ने ये कदम लिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here