शिवाचार्य परंपरा ने भारत के मूल्यों के लिए काम किया : योगी

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उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पवित्र शिवाचार्य की परंपरा बहुत ही समृद्ध है। इसने जातिभेद से ऊपर उठकर, भारत के मूल्यों के लिए विपरीत परिस्थितियों में काम किया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को काशी स्थित जंगमबाड़ी मठ में जगद्गुरु विश्वाराध्य गुरुकुल के शताब्दी समारोह को संबोधित किया।

उन्होंने कहा, “शिवाचार्य की परंपरा ने जातिभेद से ऊपर उठकर, भारत के मूल्यों के लिए विपरीत परिस्थितियों में काम किया है।”

योगी बोले, “आपने 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के गौरव को लहराते हुए और भारत की आस्था को सम्मान पाते हुए देखा है। इस गुरुकुल की समृद्ध परंपरा के साथ प्रधानमंत्री का सान्निध्य प्राप्त होना भारत की आस्था को एक नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने कहा, “8वीं शताब्दी में रचे गए ‘श्री सिद्धांत शिखामणि’ जैसे पवित्र ग्रंथ का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद और उसके मोबाइल एप का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से होने जा रहा है। इस अवसर पर इस पवित्र परंपरा से जुड़े सभी जगद्गुरुओं, संन्यासियों, संतगणों तथा भक्तों को हृदय से बधाई देता हूं।”

योगी ने कहा कि जीव, जगत, ईश्वर, बंधन और मोक्ष का साक्षी यह ग्रंथ सचमुच पूरे जगत के प्रत्येक मनुष्य को उसके अभीष्ट लक्ष्य तक पहुंचाने में अत्यंत सहायक है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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