शिवसेना की चेतावनी, साबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर होगी सामूहिक आत्महत्या

0
115

शिवसेना की केरल इकाई ने शनिवार को चेतावनी दी कि प्रदेश के साबरीमाला मंदिर में अगर 10 से 50 साल तक की महिलाओं को प्रवेश दिलाई जाएगी तो उनके सदस्य सामूहिक आत्महत्या करेंगे। शिवसेना के वरिष्ठ नेता पी. अजी ने आईएएनएस से बातचीत में यहां कहा कि आत्मघाती दस्ते में 50 से अधिक पुरुष और महिलाएं शामिल होंगे, जो परम त्याग के लिए तैयार हैं।

अजी ने चेतावनी देते हुए कहा, “मंदिर के भीतर और बाहर विभिन्न स्थानों पर हमारे सदस्य तैनात हैं। अगर किसी महिला को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी तो दस्ते के सदस्य अपनी जान दे देंगे।”

शिवसेना की चेतावनी देने से पहले शनिवार को लैंगिक समानता की पैरोकार व कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने शनिवार को कहा कि उन्होंने जल्द ही मंदिर जाने का फैसला लिया है।

अजी ने कहा, “हम चाहते हैं कि मंदिर की परंपरा और संस्कृति की रक्षा हो और यही हमारी मांग है। हमारे सैकड़ों कार्यकर्ता 17 अक्टूबर को मंदिर पहुंचेंगे और प्रसिद्ध मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों की सुरक्षा में जुटेंगे।”

शिवसेना की इस चेतावनी के बाद सब की निगाहें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अगुवाई वाली सरकार के कदमों पर होंगी कि राज्य सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेगी।

साबरीमाला मंदिर में प्राचीन काल से ही 10 से 50 साल उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक है। इस परंपरा के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय ने 28 अक्टूबर को आदेश दिया था।

इस बीच कोल्लम जिले में पुलिस ने अभिनेता कोल्लम तुलसी के खिलाफ शीर्ष अदालत के आदेश के विरुद्ध बयान देने के लिए मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक जनसभा में कहा, “साबरीमाला मंदिर आने वाली महिलाओं को दो टुकड़ों में फाड़कर एक टुकड़ा दिल्ली और दूसरा मुख्यमंत्री कार्यालय में फेंक देना चाहिए।”

हालांकि अपने बयान के लिए उन्होंने बाद में माफी मांगते हुए कहा कि उनका अभिप्राय किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleउप्र : समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के 3 जिलाध्यक्ष घोषित
Next articleप्रधानमंत्री को धमकी वाला कोई ईमेल नहीं मिला : दिल्ली पुलिस
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here