Shilpa and Anushka के गाने ‘दोज वर्ड्स’ को मिला ग्रैमी नामांकन

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गायिका शिल्पा राव आजकल काफी खुश हैं क्योंकि मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर के सहयोग से बने उनके गाने को साल 2021 के ग्रैमी अवॉर्ड में बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम की श्रेणी में नामांकित किया गया है। शिल्पा और अनुष्का ने मिलकर एल्बम लव लेटर्स पर काम किया है। इसी के गाने ‘दोज वर्ड्स’ को ग्रैमी का नामांकन मिला है।

गायिका-गीतकार-सेलिस्ट अयान विटर-जॉनसन भी इस सहयोग का हिस्सा हैं।

नामांकन को लेकर शिल्पा कहती हैं, “यह हफ्ता बेहद खास है क्योंकि अनुष्का शंकर के एल्बम ‘लव लेटर्स’ में मेरे एक बहुत ही मीठे गीत ‘दोज वर्ड्स’ को 63वें ग्रैमी अवॉर्डस में नामांकित किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “अनुष्का शंकर के बारे में क्या कहूं! बस इतना ही कहूंगी कि इस एल्बम को आपने जितना प्यार दिया है, इसके लिए आपने जितनी मेहनत की है, उसके लिए और इस खूबसूरत से सहयोग के लिए आपका शुक्रिया। उन सभी को मेरा प्यार जो इस एल्बम का हिस्सा हैं। यह सपने के और करीब जाने के लिए बढ़ाया गया एक और कदम है।”

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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