कस्तूरबा आवास का पुनर्निमाण कर बना राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र : शेखावत

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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रविवार को राजघाट स्थित राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को भी राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र के हर हिस्से की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पूरा केंद्र देश में चले स्वच्छ भारत अभियान की सफलता की यात्रा से सभी को रूबरू कराएगा। केंद्रीय मंत्री ने आधुनिक तकनीक से लैस इस राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र के निर्माण के पीछे पेयजल व स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर की भी भूमिका बताई। जबकि परमेश्वरन ने मीडिया से कहा कि इस केद्र का निर्माण केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में किया गया है।

जलशक्ति मंत्री शेखावत ने आईएएनएस के एक सवाल के जवाब में बताया कि दिल्ली में इस जगह पर निर्माण पर रोक लगने के कारण नया कंस्ट्रक्शन नहीं हो सकता था, जिसके कारण कस्तूरबा आवास का पुननिर्माण कर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र बनाया गया।

शेखावत ने कहा कि जिस जगह राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का निर्माण हुआ है, उसका ऐतिहासिक महत्व है। गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट स्थित उनकी समाधि हर दिन करीब पांच हजार लोग राजघाट आते हैं। ऐसे में सभी लोग अब यहां पहुंचकर अत्याधुनिक राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र भी देखेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान, गांधी जी के स्वच्छाग्रह पर शोध करने वाले रिसर्च स्कॉलर्स के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र काफी मददगार साबित होगा। यहां उन्हें हर तरह की जानकारी मिलेगी। रिसर्च स्कॉलर्स के लिए हॉस्टल भी तैयार हुआ है। गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि महात्मा गांधी के आवाज में यहां उनका भाषण भी सुना जा सकता है।

राजघाट स्थित राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र के गेट को गांधी जी के चश्मे का आकार दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन का यही लोगो भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 8 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने ‘गंदगी भारत छोड़ो’ का नारा भी दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र की घोषणा 10 अप्रैल, 2017 को गांधीजी के चम्पारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर की थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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