शेयर बाजार में कारोबारी सुस्ती जारी, सेंसेक्स 180 अंक फिसला

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घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन कारोबारी सुस्ती बनी रही और शुरूआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 150 अंक से ज्यादा फिसला। निफ्टी में भी सुस्ती बनी हुई थी।

बंबई स्टॉक एक्सचेंच (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पूर्वाह्न् 9.49 बजे पिछले सत्र से 172.37 अंकों (.43 फीसदी) की गिरावट के साथ 39,568.99 पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले सेंसेक्स सुबह नौ बजे मजबूती के साथ 39,797 पर खुला और 39,799.90 तक उछला, लेकिन उसके बाद बिकवाली का दबाव आने के कारण करीब 180 अंक लुढ़ककर 39,5561.28 के स्तर पर आ गया। सेंसेक्स पिछले सत्र में 39,741.36 पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी पूर्वाह्न् 9.55 बजे पिछले सत्र से 54.95 अंकों (.46 फीसदी) की गिरावट के साथ 11,859.10 पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले निफ्टी कमजोरी के साथ 11,910.10 पर खुला और 11,911.85 तक उठा, लेकिन इसके बाद गिरावट आ गई और सूचकांक शुरूआती घंटे के कारोबार के दौरान 11,849.55 तक फिसला। निफ्टी पिछले सत्र में 11,914.05 पर बंद हुआ था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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