सेंसेक्स, निफ्टी में लाल निशान के साथ कारोबार

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घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को कमजोरी के साथ हुई जबकि वैश्विक बाजार से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में स्थिरता के साथ कारोबार चल रहा था जबकि निफ्टी लाल निशान के साथ बना हुआ था। सुबह 9.33 बजे सेंसेक्स स्थिरता के साथ 41,932.54 पर बना हुआ था और निफ्टी 21.35 अंकों की कमजोरी के साथ 12,334.15 पर कारोबार कर रहा था।

इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले महज 3.54 अंकों की कमजोरी के साथ 41,929.02 पर खुला और 41,956.12 तक उछला जबकि आरंभिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 41,850.29 रहा।

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाकले 27.10 अंकों की गिरावट के साथ 12,328.40 पर खुला और कारोबार के दौरान 12357.40 तक उछला, हालांकि आरंभिक सत्र के दौरान निफ्टी का निचला स्तर 12,321.40 रहा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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