सेंसेक्स, निफ्टी में हरे निशान के साथ कारोबार

0

घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी के साथ हुई, हालांकि मुनाफावसूली हावी होने से तेजी थम गई। फिर भी सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में हरे निशान के साथ कारोबार चल रहा था। सेंसेक्स 36600 के उपर खुला जबकि निफ्टी ने 10800 से कारोबार की शुरुआत की। सेंसेक्स पिछले सत्र से 39.53 अंकों यानी 0.11 फीसदी की बढ़त के साथ 36526.81 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी पिछले सत्र से 11.70 अंकों यानी 0.11 फीसदी की बढ़त बनाकर 10775.35 पर कारोबार कर रहा था।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 173.07 अंकों की तेजी के साथ 36,660.35 पर खुलने के बाद 36,483.08 तक फिसला।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 39.20 अंकों की बढ़त के साथ 10802.85 पर खुला और 10803.60 तक उछला। हालांकि जल्द ही फिसलकर 10,752.75 पर आ गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleलखनऊ के पूर्व उपमहापौर अभय सेठ का कोरोना से निधन
Next articleट्रू वायरलेस ईयरफोन को खरीद सकते हो 1,000 रूपये से कम कीमत में, जानें
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here