कोरोना के कहर के बीच 1 फीसदी साप्ताहिक बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स, निफ्टी (समीक्षा)

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देश में कोरोना के गहराते कहर के बावजूद घरेलू शेयर बाजार बीते सप्ताह के मुकाबले मजबूती के साथ बंद हुआ। प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक फीसदी से ज्यादा की सप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई। सप्ताह के आखिरी सत्र में सेंसेक्स 38000 के ऊपर बंद हुआ और निफ्टी भी 1,1200 के ऊपर ठहरा। भारतीय रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में देश की आर्थिक हालात में सुधार लाने के मकसद से लिए गए फैसलों का भी शेयर बाजार पर शेयर देखने को मिला। आरबीआई ने नीतिगत प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और बैंकों को कर्ज का पुनर्गठन करने की अनुमति दी जिससे अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बीते शुक्रवार को पिछले सप्ताह की क्लोजिंग से 433.68 अंकों यानी 1.15 फीसदी की तेजी के साथ 38,040.57 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 140.60 अंकों यानी 1.27 फीसदी की साप्ताहिक बढ़त के साथ 11,214.05 पर बंद हुआ।

वहीं, बीएसई मिडकैप सूचकांक पिछले सप्ताह के मुकाबले 459.76 अंकों यानी 3.34 फीसदी की जबरदस्त बढ़त के साथ 14,218.87 पर रुका। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक भी 646.93 अंकों यानी 4.97 फीसदी की जोरदार छलांग लगाकर 13, 668. 69 पर जाकर ठहरा।

हालांकि कोरोना के कहर और अमेरिका-चीन तनाव के साये में शुरू हुए सप्ताह के पहले सत्र में बिकवाली के भारी दबाव में घरेलू शेयर बाजार कोहराम का आलम रहा। सेंसेक्स सोमवार को पिछले सत्र से 667.29 अंकों यानी 1.77 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 36, 939. 60 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी पिछले सत्र से 181. 85 अंक यानी 1.64 फीसदी लुढ़ककर 10,891.60 पर बंद हुआ।

अगले सत्र में भारतीय शेयर बाजार गुलजार रहा। मजबूत विदेशी संकेतों और घरेलू कारकों से तेजी के रुझानों के चलते मंगलवार को जोरदार लिवाली रही जिससे सेंसेक्स पिछले सत्र से 748.31 अंकों यानी 2.03 फीसदी की तेजी के साथ 37,687.91 पर बंद हुआ और निफ्टी 211.25 अंकों यानी 1.94 फीसदी की बढ़त के साथ 11,102.85 पर ठहरा।

कारोबारी सप्ताह के तीसरे सत्र में भारी उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू शेयर तकरीबन सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स बुधवार को पिछले सत्र से महज 24.58 अंकों यानी 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 37, 663.33 पर बंद हुआए जबकि निफ्टी पिछले सत्र से 6.40 अंकों यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 11,101.65 पर ठहरा।

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी का माहौल बना रहा। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक के नतीजे पर घरेलू शेयर बाजार की प्रतिक्रिया उत्साहवर्धक रही। सेंसेक्स पिछले सत्र से 362.12 अंकों यानी 0.96 फीसदी की तेजी के साथ 38,025.45 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी पिछले सत्र से 98.50 अंकों यानी 0.89 फीसदी की तेजी के साथ 11,200.15 पर बंद हुआ।

सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बीच तकरीबन सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले महज 15.12 अंकों की बढ़त के साथ 38, 040.57 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 13.90 चढ़कर 11,214.05 पर ठहरा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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