सेंसेक्स में 0.66 फीसदी, निफ्टी में 0.78 फीसदी की गिरावट (साप्ताहिक समीक्षा)

0
268

बीते सप्ताह व्यापार युद्ध की आशंका के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजारों गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में डॉलर के खिलाफ गिरता रुपया और कच्चे तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि का भी योगदान रहा। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 255.25 अंकों या 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 38,389.82 पर तथा निफ्टी 91.40 अंकों या 0.78 फीसदी की गिरावट के साथ 11,589.10 पर बंद हुआ। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 376.47 अंकों याा 2.23 फीसदी की गिरावट के साथ 16,504.86 पर तथा स्मॉलकैप सूचकांक 296.25 अंकों या 1.72 फीसदी की गिरावट के साथ 16,896.95 पर बंद हुआ।

सोमवार को कारोबार की नकारात्मक शुरुआत हुई और सेंसेक्स 332.55 अंकों या 0.86 फीसदी की गिरावट के साथ 38,312.52 पर तथा निफ्टी 98.15 अंकों या 0.84 फीसदी की गिरावट के साथ 11,582.35 पर बंद हुआ।

मंगलवार को भी शेयर बाजार में गिरावट रही और सेंसेक्स 154.60 अंकों या 0.40 फीसदी की गिरावट के साथ 38,157.92 पर तथा निफ्टी 62.05 अंकों या 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ 11,520.30 पर बंद हुआ।

बुधवार को नकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। सेंसेक्स 139.61 अंकों या 0.37 फीसदी की गिरावट के साथ 38,018.31 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 43.35 अंकों या 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 11,476.95 पर बंद हुआ।

गुरुवार को बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा और सेंसेक्स 224.50 अंकों या 0.59 फीसदी की तेजी के साथ 38,242.81 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 59.95 अंकों या 0.52 फीसदी की तेजी के साथ 11,536.90 पर बंद हुआ।

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 147.01 अंकों या 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 38,389.82 पर तथा निफ्टी 52.20 अंकों या 0.45 फीसदी की तेजी के साथ 11,589.10 पर बंद हुआ।

बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे – विप्रो (7.43 फीसदी), इंफोसिस (1.83 फीसदी), टीसीएस (0.07 फीसदी), बजाज ऑटो (6.47 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.29 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.85 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.89 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.88 फीसदी), टाटा स्टील (2.88 फीसदी), भारती एयरटेल (1.94 फीसदी) और सन फार्मा

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे – यस बैंक (5.81 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (5.50 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (2.91 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.80 फीसदी), इंडसइंड बैंक (1.45 फीसदी), एक्सिस बैंक (0.62 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (0.21 फीसदी), मारुति सुजुकी इंडिया (4.01 फीसदी), एचडीएफसी (0.34 फीसदी), हिन्दुस्तान यूनीलीवर (7.96 फीसदी), ओएनजीसी (4.33 फीसदी), एशियन पेंट्स (3.92 फीसदी), आईटीसी (2.74 फीसदी) और अडानी पोर्ट्स (1.63 फीसदी)।

आर्थिक मोर्चे पर, अमेरिका और कनाडा में नार्थ अमेरिकन फ्री टेड समझौता पर बातचीत जारी है। अमेरिका और चीन के बाच तनातनी जारी है और दोनों ही देश एक-दूसरे के यहां से आयात किए जानेवाले वस्तुओं पर शुल्क में बढ़ोतरी कर रहे हैं।

अमेरिका का व्यापार घाटा जुलाई में करीब 10 फीसदी बढ़ गया, जोकि पिछले पांच महीनों में सबसे तेज है।

चीन में अगस्त में फैक्टरी उत्पादन में कमी दर्ज की गई है, जो 50.6 पर रही, जबकि जुलाई में 50.8 पर थी। इस सूचकांक में 50 से कम मंदी का और 50 से ऊपर तेजी का संकेत है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleशिकागो में बोले आरएसएस प्रमुख, कहा “हिंदु” एकजुट होकर करे मानव कल्याण के लिए काम
Next articleअमेरिका : ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉर्ज पापाडोपोलस को जेल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here