तब्लीगी कार्यक्रम में शामिल रहे काली सूचीबद्ध विदेशी केंद्र को भेजें याचिका : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मार्च में हुए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कथित रूप से काली सूचीबद्ध कए गए विदेशी नागरिकों से अपनी याचिका की प्रति केंद्र को भेजने के लिए कहा है, जिसमें उन्होंने उन्हें काली सूची में डालने के गृहमंत्रालय के आदेश को चुनौती दी है। न्यायाधीशों ए.एम. खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई सोमवार को निर्धारित की है और केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने प्रेस विज्ञप्तियां दिखाईं। पीठ ने जवाब दिया, “आदेश कहां हैं?” खुर्शीद ने तब तर्क दिया कि बहुत से लोग हैं, और उन्होंने सभी को नोटिस जारी नहीं किए हैं।

शीर्ष अदालत ने खुर्शीद से कहा कि वह एजेंसियों को याचिकाओं की प्रति दें। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने 2 अप्रैल को केंद्र द्वारा 35 देशों के 960 विदेशी नागरिकों को काली सूचीबद्ध करने के फैसले के बारे में बताया था।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और दिल्ली पुलिस आयुक्त ने भी ऐसे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए।

याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में कहा कि 4 अप्रैल को, केंद्र ने लगभग 2,500 विदेशियों को काली सूची में रखा। ये भारत में थे, लेकिन अभी तक इन पर कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है।

शीर्ष अदालत का रुख करने वाले 30 से अधिक याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य प्रशासन को अपने पासपोर्ट को जब्त कराने पड़े, जिसके कारण कानून के तहत स्थापित प्रक्रिया का पालन किए बिना उन्हें व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित होना पड़ा।

न्यूज स्तेत आईएएनएस

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