Self-reliant India : जनजातीय मामलों का मंत्रालय केवीआईसी से करेगा 2 करार

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सरकार के महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवाईआईसी) के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ता़क्षर करने के लिए तैयार है।

यह समझौता जनजातीय छात्रों के लिए खादी कपड़े खरीदने और प्रमुख रोजगार सृजन योजना – प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) को लागू करने के मद्देनजर केवाईआईसी के साथ भागीदारी करने के लिए किया जा रहा है।

मंत्रालय देशभर के एकलव्य आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्रों के यूनिफॉर्म के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये के खादी के 6 लाख मीटर से अधिक की फैब्रिक की खरीद करेगा।

दूसरे समझौता ज्ञापन के हिस्से के रूप में, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम (एनएसटीएफडीसी), जनजातीय मामलों के मंत्रालय की एक एजेंसी, पीएमईजीपी योजना को लागू करने में केवीआईसी के भागीदार के रूप में काम करेगी। एनएसटीएफडीसी एक ऐसी एजेंसी है जो अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के उद्यमों के वित्तपोषण के लिए भारत में आदिवासियों के आर्थिक विकास के लिए रियायती ऋण़ योजनाएं प्रदान करती है।

मामले से जुड़े एक जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि दोनों एमओयू पर इस सप्ताह के अंत में हस्ताक्षर किए जाएंगे।

एमओयू खादी कारीगरों और आदिवासियों के लिए स्थानीय और स्व-रोजगार पैदा करके सरकार के आत्म निर्भर भारत अभियान के अनुरूप हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि खादी कपड़े की भारी खरीद कारीगरों के लिए अतिरिक्त रोजगार और आय पैदा करेगी।

अधिकारियों ने कहा कि खादी कपड़े की खरीद के लिए पहला एमओयू एनईएसटी और केवाईआईसी के बीच होगा जबकि दूसरा एमओयू एनएसटीएफडीसी और केवाईआईसी के बीच होगा।

सूत्र ने कहा कि जनजातीय कार्य मंत्रालय एकलव्य आवासीय विद्यालय का संचालन करता है, जहां वर्तमान में 75,000 छात्र अध्ययन कर रहे हैं, 2022 तक कुल 750 स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि 750 और स्कूलों के साथ, कुल 3.6 लाख छात्रों को नामांकित किया जाएगा।

सूत्र ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में 480 छात्र होंगे।

उन्होंने आगे बताया कि मंत्रालय ने हाल ही में नई दिल्ली में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) के साथ साझेदारी में एक अलग लोगो के साथ स्कूलों में छात्रों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म का मानकीकरण किया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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