अकेले घूमने जाने वाली महिलाओं के लिए चुनिंदा पर्यटन स्थल

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भारत में विभिन्न पर्यटन स्थलों में घूमने के लिए तमाम तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। लोग या तो परिवारों के साथ जाते हैं या किसी समूह के साथ घूमना पसंद करते हैं। कहीं जाने पर आपको कई तरह के पर्यटक देखने को मिलते हैं, जिनमें जोड़े, वरिष्ठ नागरिक इत्यादि सहित कई और शामिल हैं। अब इन सबके अलावा सोलो वुमन ट्रैवलर्स का भी धीरे-धीरे विकास हो रहा है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए ऐसे सफर पर निकलना एक चर्चित अवधारण रही है, जिसमें ‘सुरक्षा’ को खास तौर पर वरीयता दी जाती है।

हालांकि अब विदेशों के साथ-साथ अपने देश में भी ऐसे पर्यटन स्थल आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं, जहां महिलाएं अकेले घूमने के लिए जा सकती हैं। इनमें महिलाओं के विभिन्न वर्ग शामिल हैं जैसे कि कोई आर्थिक रूप से स्वतंत्र है, तो कोई ट्रैवल ब्लॉगर हैं।

स्टर्लिग हॉलिडे के चीफ कस्टमर इंगेजमेंट ऑफिसर विक्रम लालवानी ऐसे ही कुछ पर्यटन स्थल सुझाए हैं, जहां महिलाएं अकेले घूमने जाने का आनंद ले सकती हैं।

कुफरी : हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में स्थित यह छोटा-सा हिल स्टेशन अपने आप में अनोखा है। यहां कई खूबसूरत झीलें, बर्फ से ढके पहाड़ और कई मनोरम दृश्य हैं। यह सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी उत्तम है और यहां पर्यटकों का स्वागत भी बेहद बेहतर तरीके से होता है, ऐसे में इसकी ये सारी खूबियां इसे महिला यात्रियों के लिए घूमने के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।

मुन्नार : यह भारत में सबसे सुरक्षित पर्यटन स्थलों में से एक है। चाय के बगीचों, खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य और हरियाली के लिए यह मशहूर है। यहां के स्थानीय निवासियों को उनके गर्मजोशी वाले स्वभाव के लिए जाना जाता है। ये पर्यटकों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इसे देखते हुए यह भी सोलो वुमन ट्रैवलर्स के लिए एक बेहतरीन जगह है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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