Sehwag ने टीम इंडिया के साहस को ‘दबंग’ करार दिया

0

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने यहां गाबा मैदान पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी चौथे और अंतिम टेस्ट मैच के तीसरे दिन अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली भारतीय टीम की जमकर प्रशंसा की है। ब्रिस्बेन टेस्ट के तीसरे दिन रविवार को वाशिंगटन सुंदर और शार्दूल ठाकुर ने अपना-अपना पहला अर्धशतक पूरा किया और सातवें विकेट के लिए 123 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

ठाकुर ने 67 जबकि संदुर ने 62 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी इस साझेदारी के दम पर भारत मैच में बना हुआ है। भारतीय टीम ने चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन रविवार को अपनी पहली पारी में 336 रन का स्कोर बनाया। भारत ने आस्ट्रेलिया को उसकी पहली पारी में 369 रनों पर समेट दिया था और इस लिहाज से भारत 33 रन पीछे रह गया।

सहवाग ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “भारतीय टीम के साहस को अगर एक शब्द में बयां करें तो एक ही शब्द आता है, दबंग, बेहद साहसी और बहादुर। अति सुंदर ठाकुर।”

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने भी दोनों युवा बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा, “टेस्ट में पहली बार अर्धशतक जमाने के लिए सुंदर और ठाकुर को बधाई। आपकी तकनीक शानदार। साथ ही युवा गेंदबाजों के लिए एक उदाहरण है कि आपको गेंद के साथ साथ बल्ले से भी योगदान देना चाहिए।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleराजस्थान बस हादसे में 6 लोगों की मौत पर PM Modi ने जताया शोक
Next articleSushant Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा सुशांत मामले में मीडिया ने किया नियमों का उल्लंघन, मीडिया ट्रायल याचिका पर सुनाई
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here