पत्नी के गर्भवती होते ही यहां करनी पड़ती है दूसरी शादी

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New Jersey Indian Wedding Photography - The Wedding Central

आज हम आपको एक ऐसी अनोखी जगह के बारे में बताएंगे जहां पर पुरूष उस समय दूसरी शादी करते हैं जब उनकी पत्नि गर्भवती हो जाती है । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये सब राजस्थान के कुछ इलाकों में होता है । ये सुनकर तो आप भी जरूर चौंक गए होंगे कि कोई अपनी पत्नी के गर्भवती होने पर दूसरी शादी के बारे में कैसे सोच सकता है ? पर इससे भी चौकाने वाली बात ये है कि उन लड़कियों को भी शादी के पहले दिन से यह पता होता है कि ये दिन जरूर आएगा । आपको बता दें कि, यह प्रथा है राजस्थान के बाड़मेर ज़िले में देरासर नाम गांव की । जहां पर लोगों की सबसे बडी समस्या है पानी । यहां पर घर की औरतों को तपती गर्मी या भीषण सर्दी में पूरा-पूरा दिन पानी की खोज में भटकना पडता है ।

यहां पर बचपन से ही लड़कियों को पानी ढ़ो कर लाना सिखाया जाता है, ताकि वे कुछ ही सालों में दो-तीन घड़े ढ़ो कर चल सकें । चूकि ये गर्भवती औरतों के लिए खतरे का काम है, इस गांव में लड़कियों के गर्भवती होते ही उनके पति दूसरी शादी कर लेते हैं, ताकि उनके घर में पानी की समस्या नहीं हो पाए ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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