शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में पेंच फंसा

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मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार को लेकर चल रही कोशिशों के बीच पेच फंस गया है, क्योंकि कई नामों पर सहमति नहीं बन पा रही है। यही कारण है कि दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर मंथन के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत रविवार की शाम से दिल्ली में हैं। मुख्यमंत्री चौहान की इन दो दिनों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों के बाद सोमवार की शाम को चौहान और अन्य भाजपा नेताओं को भोपाल लौटना था, मगर सभी नेताओं को दिल्ली में ही रुकने के लिए कहा गया है और आपसी राय-मशविरे के निर्देश दिए गए हैं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि संभावित मंत्रियों में से कुछ नाम को लेकर भाजपा में ही सहमति नहीं बन पा रही है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद के लोगों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जानी है। संभावित 25 मंत्रियों में नौ सदस्य वे होंगे जो सिंधिया के साथ भाजपा में आए हैं। सिंधिया की ओर से नामों के साथ कुछ चुनिंदा विभागों की सूची भी शिवराज को सोमवार को मुलाकात के दौरान सौंपी गई है।

सूत्रों का कहना है कि कई नामों और विभागों के संभावित वितरण को लेकर आगामी दिनों में होने वाली खींचतान को रोकने के मकसद से प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को अचानक दिल्ली बुलाया गया है।

मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री चौहान, प्रदेश अध्यक्ष शर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन सुहास भगत, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य के गृहमंत्री मिश्रा के बीच बैठकों का दौर जारी है।

संभावना इस बात की जताई जा रही है कि सोमवार को सभी नेताओं के बीच आम सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद ही मुख्यमंत्री चौहान सहित राज्य के सभी नेता भोपाल लौटेंगे।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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