वैज्ञानिको ने की अंतरिक्ष में प्राणवायु की खोज, एक पुराने तारे में मिला ऑक्सीजन का भंडार

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जयपुर।अंतरिक्ष में खोज करने वाले खगोलविदों ने एक सबसे पुराने तारे के वायुमंडल में बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन के पाए जाने का दावा किया है।वैज्ञानिको का मानना है कि उनकी इस खोज से इस ब्रह्मांड में जीवन को बनाए रखने के वाले आवश्यक और महत्वपूर्ण घटकों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।इस खोज में शामिल ब्रिटेन की कैब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि अंतरिक्ष में स्थित जे—0815 प्लस 4729 नामक तारा अपने नक्षत्र मंडल ‘लिंक्स’ से लगभग 5000 प्रकाशवर्ष दूर स्थिति है जिसमें प्राणवायु का भंडार मिला है

और इस तारकीय स्त्रोत से पृथ्वी तक प्रकाश पहुंचने में 5 हजार वर्ष का समय लग सकता है।वैज्ञानिको ने इस बात काभी दावा किया है कि इस खोज के साथ ही इससे अंतरिक्ष के अन्य खगोलीय पिंडों पर जीवन की संभावनाओं को और बल मिलेंगा। एस्ट्रोफिजिकल लेटर्स नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने जे—0815 प्लस 4729

नामक एक प्राचीन तारे की रासायनिक बनावट का विश्लेषण किया और इस बात का पता लगाया कि इस ब्रह्मांड में शुरुआती दौर के तारों में ऑक्सीजन और अन्य महत्वपूर्ण तत्वों का निर्माण किस प्रकार हुआ था।

अमेरिका की डब्ल्यू एम कीक वेधशाला के वैज्ञानिको ने बताया कि उनका इस खोज का परिणाम बहुत ही रोचक और उपयोगी बन सकता है।वैज्ञानिको ने बताया कि उनकी यह खोज हमारे ब्रह्मांडीय बैक यार्ड में मौजूद तारों का उपयोग

करके ब्रह्मांड के सबसे शुरुआती समय के बारे में जानकारी देने वाली होगी।अंतरिक्ष में किसी तारे में ऑक्सीजन मिलने का मतलब है कि ब्रह्मांड में मौजूद अन्य तारों में भी जीवन संभव होगा।

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