वैज्ञानिकों ने किया इस बात का दावा, कोरोना वायरस का नया रूप ज्यादा घातक

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जयपुर।आज के समय में विश्व में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है।विश्व में अब तक 1 करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित पाएं गए है और मृतकों का आंकड़ा 5 लाख के पार पहुंच चुका है।वहीं वैज्ञानिक अभी तक कोरोना संक्रमण को रोकने वाली किसी प्रकार की प्रभावी दवा नहीं खोज पाएं है।इसी बीच कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और इस वायरस के बदलते स्वरूप को लेकर किए जाने वाले एक शोध में ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने इसका एक नया स्ट्रेन या रूप की खोज की है, जो कि कोरोना दौर में घातक साबित हो सकता है।

वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के इस नए स्ट्रेन का नाम ‘डी614जी’ रखा है।कोरोना वायरस के बदलते संक्रमण के लक्षणों के साथ अब इसके रूप में परिवर्तन आना वैज्ञानिकों के लिए हैरान करने वाली बात बनी हुई है।

ब्रिटेन के शेफिल्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के जीनोम सीक्वेंस का अध्ययन करने के बाद बताया है कि कोरोना वायरस का यह नया रूप इसके पुराने हो चुके वायरस से भी अधिक संक्रमण फैलाने की क्षमता रखने वाला है।

शोधकर्ताओं ने बताया है कि इस नए स्ट्रेन में इंसानों की कोशिकाओं को वायरस से संक्रमित करने की क्षमता पुराने वायरस के मुकाबले ज्यादा है।वैज्ञानिको के इस शोध के बारे में मेडिकल जर्नल सेल में प्रकाशित शोध में बताया गया है

कि कोरोना वायरस के इस संक्रमण के दौर में इस वायरस के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव देखने को मिला है और यह स्पाइक प्रोटीन इस वायरस को इंसानी कोशिकाओं में प्रवेश करवाने में मदद करता है साथ ही इसके संक्रमण को फैलाता है।

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