दिल्ली में 21 जनवरी से होगा विज्ञान समागम

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राष्ट्रीय राजधानी के प्रगति मैदान स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में 21 जनवरी को विज्ञान समागम का आगाज होने जा रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को बताया कि करीब तीन महीने तक चलने वाली मेगा विज्ञान प्रदर्शनी में मौलिक विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में भारत के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।

साथ ही, बड़ी विज्ञान परियोजनाओं, उद्योग, शैक्षणिक समुदायों और संस्थानाओं को यहां आपस में संवाद का एक मंच मिलेगा। विज्ञान समागम में छात्रों, शैक्षणिक समुदायों और उद्योग को मौलिक अनुसंधान के महत्व और प्रभाव से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

विज्ञान समागम का आयोजन भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। उद्घाटन समारोह में परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) के अध्यक्ष एवं परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव के. एन व्यास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा और संस्कृति मंत्रालय में सचिव योगेंद्र त्रिपाठी शिरकत करेंगे। इस मौके पर अमेरिका के हवाई स्थित पूर्वी एशियाई वेधशाला के महानिदेशक डॉ. पॉल हो मुख्य व्याख्यान देंगे।

इससे पहले विज्ञान समागम का आयोजन मुंबई, बेंगलुरू और कोलकाता में हो चुका है। सबसे पहले मुंबई में आठ मई 2019 से लेकर सात जुलाई 2019 तक विज्ञान समागम का आयोजन किया गया। उसके बाद बेंगलुरू में इसका आयोजन 29 जुलाई-28 सिंतबर 2019 के दौरान हुआ, जिसके बाद कोलकाता में चार नवंबर से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक विज्ञान समागम का आयोजन किया गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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