Himachal Pradesh में 21 सितंबर से खुलेंगे स्कूल

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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार 21 सितंबर से राज्य में कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित शिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने की अनुमति दी। अपने टीचर से गाइडेंस लेने को इच्छुक कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को स्कूल जाने की इजाजत होगी, वहीं संस्थान में छात्रों, टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की संख्या 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रहेगी।

स्कूल में प्रवेश करने के लिए छात्रों के माता-पिता या अभिभावकों की लिखित सहमति देना अनिवार्य है।

इसी बीच, मंत्रिमंडल ने इस सत्र से मंडी जिले में गवर्नमेंट कॉलेज फॉर फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर में फॉरेस्ट्री में बीएससी (ऑनर्स) पाठ्यक्रम को शुरू करने की मंजूरी दे दी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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