Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मोदी सरकार क्या ये कर पाती स्वीकर

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केंद्र में मोदी सरकार के वक्त अयोध्या मामले पर बड़ा फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। केंद्र में बीजेपी सरकार के समय फैसला आना बड़ी बात है। उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की योगी सरकार है। इस घड़ी में अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से दिया है। पांच जजों की की बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई,  जस्टिस धनन्जय वाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्द्ल नजीर शामिल थे।

लेकिन फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने कई सवाल खड़े किए हैं लेकिन बड़ी बात क्या मुस्लिमों के पक्ष में फैसला आता तो मोदी सरकार को मान्य होता। कांग्रेसराज में रामजन्म भूमी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुस्लिमों के हक में आता तो बीजेपी उसे स्वीकार कर पाती। हालांकि मुस्लिम पक्ष कोर्ट के फैसले को विरोधाभासी करार दे रहे हैं।

अयोध्या मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विरोधाभासी बताया है। मुस्लिम पक्ष के इकबाल अंसारी ने कहा है कि हम फैसले का सम्मान करते हैं। देश का अहम मसला काफी समय बाद आज खत्म हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राममंदिर का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को ट्रस्ट बनाने के ले कहा है। कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड जमीन अन्य जगह देने की बात कही है।

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