श्रावण मास 2020: सावन सोमवार की पूजा में न करें ये पांच काम

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भगवान शिव का प्रिय महीना सावन चल रहा हैं इस महीने पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता हैं वैसे तो पूरे महीने शिव की आराधना की जाती हैं मगर सावन सोमवार का अपना अलग ही महत्व होता हैं मान्यताओं के मुताबिक जो भी भक्त पूरी श्रद्धा भाव से सावन में भगवान शिव की पूजा करता हैं उसकी सभी इच्छा भगवान जरूर पूरी करते हैं। शिव अपने भक्तों से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं शास्त्रों में सोमवार का दिन शिव की भक्त और पूजा के लिए खास माना जाता हैं। सोमवार के दिन व्रत रखने से शिव कृपा भक्तों को प्राप्त होती हैं। ऐसे में अगर आप सावन के महीने में एक साथ कई सोमवार का दिन आए तो उस दिन शिव अपनी सबसे अधिक कृपा करते हैं। सावन का पूरा महीना शिव की भक्ति के लिए समर्पित होता हैं। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सावन सोमवार की पूजा में किन पांच कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए, तो आइए जानते हैं।

श्रावण महीने में शिवरात्रि आने पर इसका विशेष महत्व होता हैं पंचांग के मुताबिक हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि पड़ती हैं मगर फाल्गुन और श्रावण के महीने की शिवरात्रि का खास महत्व होता हैं इस बार सावन महीने की शिवरात्रि 18 जुलाई को पड़ रही हैं।

वही सावन महीने में व्रत रखने वालें साधकों को दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। सावन में दूध से शिव का अभिषेक किया जाता हैं इसलिए इसका सेवन वर्जित माना गया हैं। इस महीने शिव भक्तों को कभी बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए बैंगन को अशुद्ध माना जाता हैं। इस महीने आम दिनों में शिव की पूजा करते वक्त पूजा के सामान में कभी तुलसी के पत्तों और केतकी के पुष्पों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। शिवलिंग पर न ही हल्दी और कुमकुम लगाना चाहिए। इसके अलावा शिवलिंग पर नारियल का पानी भी नहीं चढ़ाना चाहिए। जलाभिषेक करते वक्त कांस्य और पीतल के बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए।

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