श्रावण मास 2020: शिव पूजा में वर्जित हैं ये वस्तुएं, भूलकर भी न करें प्रयोग

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सावन का महीना हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता हैं इस महीने में भगवान शिव और उनके परिवार की विधिपूर्वक पूजा अर्चना करने का विधान हैं ऐसा कहा जाता हैं कि सावन महीने में भगवान शंकर को जल अर्पित करने मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं इसकी वजह यह हैं कि श्रावण महीने में वे जब ससुराल गए थे तब उनका जल से अभिषेक किया गया था। जिससे वह बहुत ही प्रसन्न हुए। सावन महीने में उनकी पूजा करते समय हम लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिससे उसमें कुछ गलती न हो जाए। भगवान शिव की पूजा में कुछ वस्तुओं को वर्जित माना जाता हैं जिनका प्रयोग नहीं किया जाता हैं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि शिव पूजा में किन चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, तो आइए जानते हैं।

शिव पूजा में केतकी के पुष्प का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ब्रह्मा जी के साथ झूठ में भागीदार बनने के कारण केतकी को दंड का भाग बनना पड़ा। भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल वर्जित हैं उनको यह फूल अर्पित न करें। शिव की पूजा में कमल, कनेर, केवड़े का पुष्प और लाल रंग के फूल को भी नहीं चढ़ाया जाता हैं। शिव पूजा में तुलसी का पत्ता भी शामिल नहीं किया जाता हैं। कथा के मुताबिक भगवान शिव ने विष्णु जी की मदद से वृंदा के पति जलंधर का वध किया था। वृंदा के आत्मदाह वाले स्थान पर तुलसी का पौधा उग आया। शिव की पूजा में शंख का किसी भी प्रकार से उपयोग वर्जित माना जाता हैं शिव ने शंखचूर राक्षस का सर्वनाश किया था।

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