सरफराज ने कहा, विदेशी टीमों के पास पाकिस्तान न आने का अब कोई बहाना नहीं

0
81

पाकिस्तान क्रिकट टीम के कप्तान सरफराज अहमद ने यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई सफल टी-20 सीरीज के बाद अंतर्राष्ट्रीय टीमों से पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने को लेकर अपनी समझ को बदलने और देश का दौरा करने का आग्रह किया। पिछले कुछ समय से पाकिस्तान ने कुछ बड़े क्रिकेट मैचों के मेजबानी की है और सरफराज अहमद का मानना है कि विदेशी टीमों के पास पाकिस्तान नहीं आने का अब कोई बहाना नहीं बचा है।

सरफराज के हवाले से बताया, “मैं नहीं समझता की टीमों के पास अब पाकिस्तान न आने का कोई बहाना बचा है। वेस्टइंडीज सीरीज का तीसरा मैच होने के बावजूद दर्शक भारी संख्या में मैच देखने आए। कराची की जनता ने विश्व को यह दर्शाया है कि पाकिस्तान में क्रिकेट खेला जा सकता है। इसलिए टीमों को पाकिस्तान में क्रिकेट नहीं खेलने का कोई बहाना नहीं ढूंढना चाहिए।”

सरफराज ने कहा, “आईसीसी विश्व एकादश की टीम पाकिस्तान आई, पीएसएल का फाइनल यहां हुआ और उससे पहले श्रीलंका की टीम पाकिस्तान आई। इसलिए मुझे लगता है कि भविष्य में कोई भी टीम सुरक्षा को एक बहाने के रूप में उपयोग नहीं करेगी। इस वर्ष या अगले वर्ष पाकिस्तान में क्रिकेट की वापसी होगी।”

सरफराज अहमद ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीतने पर टीम की प्रशंसा की।

सरफराज ने कहा, “मैंने सुना कि लोग कह रहे हैं कि इस सीरीज को खेलने के लिए कमजोर टीम पाकिस्तान आई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने किसी को यहां कमजोर टीम भेजने के लिए नहीं कहा था। हमने वेस्टइंडीज को पाकिस्तान का दौरा करने के लिए कहा था। हम सीरीज में बेहतरीन खेले और खिलाड़ियों को इसका श्रेय मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ियों की अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की जानी चाहिए। यह कहना गलत होगा कि बी टीम इस दौरे पर आई। इस टीम के आठ खिलाड़ी वेस्टइंडीज के पिछले दौरे पर भी टीम का हिस्सा थे। चार खिलाड़ी पीएसएल में खेले थे। हमने अच्छा खेल दिखाया।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसूरज तक आपका नाम पहुंचाएगा, नासा का यह अभियान पैगाम लेकर जाएगा
Next articleनोकिया ने भारतीय बाजार में फिर से पांव जमाने की कोशिश शुरू की, जानिये पूरी खबर
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here